iconprincipalkvno2sgr@gmail.com icon0194-2303617
Kv Logo   KV No1
Rajbasha

केंद्रीय विद्यालय क्र. 2श्रीनगर

2016-2017

राजभाषा-वार्षिक कार्यक्रम

1. राजभाषा अधिनियम के अंतर्गत हमारे विद्यालय  ग क्षेत्र  के अन्तर्गत आता है |

2. विद्यालय में उपलब्ध कंप्यूटर एवं तकनीकी साधनो पर अधिक से अधिक हिंदी में काम करने का प्रयास करना |

3. विद्यालय  में  समय-समय पर हिंदी कार्यशाला का आयोजन कर सभी कर्मचारियों को पारिभाषिक एवं तकनीकी शब्दावली का ज्ञान देना |

4. सभी  कम्प्यूटर्स में यूनिकोड सुविधा उपलब्ध करना  |

5. विद्यालय द्वारा प्रकाशित विज्ञापनों को द्विभाषी रूप में जारी करना |

6. विद्यालय में प्रयोग किये जाने वाली मोहरे सूचना पट्ट आदि द्विभाषी होना |

7.तिमाही प्रगति रिपोर्ट समय से सम्बंधित विभाग को भेजना  |

8. विद्यालय पत्रिका में हिंदी के अधिक से अधिक लेख, कविताएँ इत्यादि प्रकाशित हिन्दीकरवाना  |

9. पुस्तकालय  में अधिक से  अधिक हिंदी की पुस्तकें उपलब्ध करवाना  |

10. विद्यालय में उपलब्ध फॉर्म इत्यादि द्विभाषी बनाना |

11. विद्यालय में प्राप्त होने वाले पत्रों का उत्तर हिंदी में देने   का प्रयास करना  |

12. विद्यालय वेबसाइट को 100% द्विभाषी बनाना |

संसदीय राजभाषा समिति के प्रतिवेदन के विभिन्न 08  खण्डों में की गई सिफारिशों पर महामहिम राष्ट्रपति जी के आदेशों का  अनुपालन करने के सम्बन्ध में 

पहला खंड

1.      विद्यालय में इस्तेमाल किये जाने वाले सभी फ़ार्म,कोड व मैनुअल्स इत्यादि सभी दस्तावेजों द्विभाषी रूप में अनुवाद करवाकर प्रयोग  में लाए जा रहे हैं |

2.      कार्यालय में राजभाषा हिंदी का प्रयोग करते समय वैज्ञानिक एवं तकनीकी  शब्दावली, आयोग द्वारा निर्धारित किये गए मानक हिंदी पर्यायों का ही प्रयोग किया जा रहा है|

3.      विद्यालय में समय समय पर हिंदी राजभाषा को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाओ का आयोजन किया जाता है तथा परिभाषिक शब्दावली की जानकारी भी दी जाती है |

दूसरा खंड

1.         कर्मचारियों द्वारा अपेक्षित टंकण कार्य, प्रशिक्षण, राजभाषा नियमानुसार किया जा रहा है |

2.         कार्यालय द्वारा हिंदी टंकण कार्य में निपुण कर्मचारियों से अधिक से अधिक टंकण कार्य हिंदी में ही करवाया जा रहा है |

 

तीसरा खंड

1.विद्यालय में सभी कर्मचारी हिंदी भाषा में काम करने में प्रवीण है |

 

चौथा खंड

1.विद्यालय के सभी कर्मचारियों को राजभाषा नीति की व्यापक जानकारी देने के लिए समय समय पर कार्यशालाएं, संगोष्ठियों, सम्मेलनों का आयोजन भी करवाया जाता है |

2. विद्यालय के सभी कर्मचारियों को हिंदी में काम करने की झिझक दूर करने के लिए हिंदी कार्यशालाओ का आयोजन करवाया जाता है |

3. विद्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समिति गठित है ओर वर्ष भर हिंदी भाषा से सम्बंधित कई कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है |

 4. “क” क्षेत्र में परिचालित होने वाली कार्यसूची ओर कार्यवृत आदि एवं पत्राचार केवल हिंदी भाषा में ही करने का प्रयास किया जाता है |

5.विद्यालय में काम में लिए जाने वाले नामपट्ट, रबड़ की मुहरे, पत्र -शीर्ष लोगो आदि द्विभाषी रूप में काम में लिए जाते है तथा हिंदी व अंग्रेजी भाषाओ के शब्दों का आकार बराबर रखा गया है |

6.राजभाषा नियम 1963 और उसके अधीन बनाये गये नियमों के अनुबंधों का पूर्ण रूप से पालन करने की कोशिश की जा रही है |

7. विद्यालय द्वारा सभी प्रकशन द्विभाषी हिंदी और अंग्रेजी में निकाले जाते है हिंदी और अंग्रेजी के पृष्ठों की संख्या बराबर रखी जाती है |

                           पाँचवाँ खंड

1.समस्त कर्मचारियों को हिंदी भाषा में अधिक से अधिक काम करने को प्रेरित व उत्साहित किया जाता है |

छठवाँ खंड

1.      विद्यालय में द्विभाषी रूप उपलब्ध यंत्रो पर हिंदी का प्रयोग उचित मात्रा में करने का प्रयास किया जा रहा है |

2.      राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) का अनुपालन सुनिश्चित कर लिया गया है | समय-समय पर राजभाषा समिति की सभा में परामर्श दिया जाता है | हिंदी भाषा में कार्य करने की क्षमता बढ़ रही|

3.         विद्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा वर्ष के शरुआत में ही वार्षिक कार्यक्रम की योजना बना ली जाती है तथा सभी कर्मचारियों को इसकी जानकारी देकर राजभाषा आयोग के द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जाता है |

4.         पुस्तकालय के लिए उपलब्ध धनराशि का 50% हिंदी पुस्तकों की खरीद के लिए किया जा रहा है|

5.         राजभाषा नियम 1976(यथानुसार संशोधित 1987) के नियम 12 के अनुसार राजभाषा नियमों , अधिनियमों को लागू करने के उचित व प्रभावकारी उपायों को लागु किया जा रहा है |

6.         “क” और “ख” क्षेत्र में स्थित कार्यालयों से प्राप्त अंग्रेजी भाषा में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी भाषा में दिया जा रहा है|

7.         समय-समय पर प्रख्यात हिंदी विद्वानों को आमंत्रित कर कर्मचारियों के ज्ञान में वृद्धि की जा रही है |

 

                      सातवाँ खंड

1.      विद्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समिति गठित है नियमित रूप से तिमाही बैठकों का आयोजन किया जाता है व इसकी रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय जम्मू संभाग व ऑनलाइन रिपोर्ट राजभाषा आयोग को भी भेजी जा रही है |

2.      पुस्तकालय अनुदान के लिए उपलब्ध धनराशि का प्रयोग  हिंदी पुस्तकों की खरीद के लिए किया जा रहा है| व समस्त कर्मचारीयों को इन पुस्तकों को पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जाता है|

3.      हिंदी कार्यशालाओं में हिंदी के विद्वानों व विशिष्ट व्यक्तियों को आमंत्रित कर कर्मचारियों के ज्ञान में वृद्धि की जाती|

                      आठवाँ खंड

1.      सेवा पुस्तिकों /सेवा अभिलेखों में हिंदी /द्विभाषी रबड़ की मोहरों की सहायता से दैनिक प्रविष्टियां की जा रही है|

2.      सभी कर्मचारियों को अधिकाधिक कार्य हिंदी में  करने के आदेश दे दिए गए हैं| राजभाषा नियम 1976 के उपनियम 8(4) के अंतर्गत सभी स्टाफ के सदस्यों को लिखित आदेश दिये जा चुके हैं कुछ आदेशों की फोटो प्रतिलिपियाँ प्रेषित की जा रही हैं |

3.      कार्यालय में काम में लाई जाने वाली मोहरें द्विभाषी बनाई गई हैं | सुचना पट्टों पर, श्याम पट्टों पर द्विभाषा में लिखवाया गया है |

4.      समय-समय पर नराकास की सभाओं में आवश्यक रूप से हिंदी शिक्षक के साथ भाग लिया जाता है |

5.      कार्यालय में प्राप्त पत्रों के प्रत्युतर निष्ठापूर्वक हिंदी भाषा में ही दिए जाते हैं | अधिकतर कार्य द्विभाषी भी होता है |

6.      क क्षेत्र में आने पर यहाँ पर समस्त कर्मचारी हिंदी भाषा का ज्ञान रखते हैं अत: अतिरिक्त प्रशिक्षण देने में, शब्दावली में प्रयुक्त शब्दों के बारे में सभी को समय-समय पर अवगत कराया जाता है | समय-समय पर भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों प्रतिभागिताओं में भाग लेने के लिय प्रेषित किया जाता है |

7.      विद्यालय में सभी कंप्यूटरों पर देवनागरी लिपि के प्रयोग के लिए यूनीकोड फोंट का प्रयोग किया जा रहा है |

8.      अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र अधिकतर हिंदी भाषा में ही प्राप्त हो रहे हैं | हिंदी भाषा के प्रति विद्यार्थियों कर्मचारियों का उत्साह बढ़ रहा है | अधिकाधिक कार्य हिंदी भाषा में ही किया जा रहा है भविष्य में इस और अधिक प्रयास किया जाता रहेगा है |

 

 

 

 

 
Welcome to the website of KV No. AFS Srinagar      
KVS RO | KVSANGATHAN | CBSE | NCERT | Admission Guidellines | Transfer Policy | Sakshat | Shiksha | CBSE Norms of Affiliation | Annual Report
Copyright 2016, KV No. 2 Srinagar
Visitor No.